संज्ञानात्मक कौशल
अरे, कहाँ था वो?
"अरे, वहाँ थी न? नहीं…" दिमाग में अपने आप चलने वाली यह बुदबुदाहट, वो पल सबने कभी न कभी झेला ही है। अरे, कहाँ था वो?
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अरे, कहाँ था वो? — 'कहाँ गई, कहाँ गई' करते-करते कब डूब जाएँगे पता ही नहीं चलेगा, ऐसा टाइल-मैच खोज पहेली
Why you'll love it
- बिखरे ढेर में एक जैसी 3 टाइल ढूँढकर जोड़ने वाला सेट-ऑफ़-3 मैचसीधा-सादा, पर बार-बार एक बाज़ी और करवाता है
- परत-दर-परत जमा बहु-परत बोर्डएक परत हटाते ही नीचे छिपा नया ढेर सामने, चुनौती का सिलसिला जारी
- जब दिमाग उलझा हो तब बस एक ही जगह डूब जाने वाली खोज और निगरानी की पहेलीफ़िज़ूल ख़यालों की कोई जगह नहीं
- खेल के बीच अचानक आ टपकने वाले क्विज़ से एक और मज़ा और ताज़गी की एक चम्मच
- बिना इंस्टॉल, बिना अतिरिक्त भुगतान, तुरंत खेलिएअभी एक क्लिक में शुरू
- 7-दिन फ्री ट्रायल + हर गेम में कुछ लेवल तक फ्री में जी भरकर खेलिए

About this game
अरे, कहाँ था वो? एक ट्रिपल टाइल-मैच खोज पहेली है जिसे आप बिना इंस्टॉल और बिना अतिरिक्त भुगतान के तुरंत खेल सकते हैं। चलिए, सच बताऊँ — एक पल पहले तक जो टाइल साफ़ नज़र आ रही थी, उठाने चलो तो वो न जाने कहाँ गायब हो जाती है और उँगली हवा में टटोलती रह जाती है, ऐसा हुआ है न?
"अरे, अभी तो यहीं थी…" वाली वो हल्की-सी झुँझलाहट — बस उसी एहसास को इस खेल में उतार दिया है। बिखरे हुए, परत-दर-परत जमे ढेर को ज़रा ठहरकर ध्यान से देखिए, तो किसी पल एक जैसी 3 टाइल आँखों में सीधी आ बसती हैं। उन्हें जोड़कर हटाने का वो मज़ा अजीब तरह से लती लगा देने वाला है। जब दिमाग उलझा हो और सोच बहुत ज़्यादा हो, तब बस इसी एक बोर्ड पर नज़र टिका दीजिए। फ़िज़ूल के ख़यालों के घुसने की कोई गुंजाइश ही नहीं बचती। एक परत साफ़ करते ही उसके नीचे छिपा नया ढेर सामने आ जाता है, और 'बस एक परत और' देखते ही देखते 'बस एक परत और' में बदलता जाता है। बीच-बीच में चुपके से आ जुड़ने वाले अचानक क्विज़ एक और बारीक मज़ा हैं। बेझिझक डूबकर फ़ोकस करना चाहने वालों को मैं पूरे भरोसे से इसकी सिफ़ारिश करता हूँ।
How it grows on you
बिखरे ढेर में बस एक चीज़ पर नज़र टिकाते-टिकाते, चारों ओर भटकता मन भी देखते ही देखते एक कतार में सीधा — निगरानी गहरी होती जाती है, और बिखरे-बिखरे दिन में भी 'फ़ोकस मोड' का स्विच जैसे चालू हो जाता है।

A thought to carry
एक पुरानी समझ है — हम वही बन जाते हैं जो हम बार-बार करते हैं; तो अगर ध्यान भी एक आदत है, तो हर बार नज़र भटकने पर असल में आप किस चीज़ का अभ्यास कर रहे होते हैं?
एक कहावत है — आँख वही देखती है जो मन ढूँढ रहा होता है। एक जैसी 3 टाइल ढूँढने के लिए पूरे ढेर पर नहीं, बस 'इस एक जगह' पर नज़र टिकानी होती है — तो ज़िंदगी में भी, एक साथ सब कुछ पकड़ने के चक्कर में कहीं ऐसा तो नहीं कि साफ़ कुछ भी नज़र न आया हो?
FAQ
अरे, कहाँ था वो? किस तरह का खेल है?
बिखरे हुए ढेर में एक जैसी 3 टाइल ढूँढकर जोड़कर हटाने वाली ट्रिपल टाइल-मैच खोज पहेली है। 'अभी तो साफ़ देखा था, कहाँ गई?' वाली उस खोज और डूब जाने का मज़ा यहाँ मिलता है। ठहरकर ध्यान से देखते हुए एक जैसी टाइल ढूँढ निकालने का वो फ़ोकस और निगरानी वाला मज़ा ही इसकी खूबी है।
क्या सच में बिना इंस्टॉल के तुरंत खेल सकते हैं?
जी हाँ, बिना इंस्टॉल और बिना अतिरिक्त भुगतान के आप तुरंत खेल सकते हैं। एक क्लिक और खेल अभी शुरू। अलग से कुछ डाउनलोड या इंस्टॉल किए बिना हल्के-फुल्के अंदाज़ में मज़ा लीजिए।
इसका शुल्क कितना है?
पहले 7-दिन फ्री ट्रायल में जी भरकर खेल सकते हैं, और हर गेम में कुछ लेवल तक फ्री में खेल सकते हैं। और गहराई में, सारे गेम जी भरकर खेलना चाहें तो साल के $9.99 (USD) में Quiga के सभी गेम पूरे साल अनलिमिटेड पा सकते हैं।
क्या यह याददाश्त की कसरत में मदद करता है?
यह याददाश्त की कसरत का दावा करने वाला गेम नहीं है। बस इतना है कि बिखरे ढेर में एक जैसी टाइल ढूँढते-ढूँढते आपका फ़ोकस और निगरानी अपने आप काम करने लगते हैं, और दिमाग उलझा हो तब एक ही जगह डूबकर मन को बदलने में यह कमाल का है।
सुना है खेल के बीच क्विज़ आते हैं?
हाँ बिल्कुल। टाइल मिलाते-मिलाते बीच-बीच में अचानक क्विज़ चुपके से आ जुड़ते हैं। एकरसता तोड़ने वाला एक बारीक मज़ा और पल भर की ताज़गी, तो खेल और भी मज़े से आगे बढ़ता है।

बिना इंस्टॉल, बिना अतिरिक्त भुगतान, तुरंत खेलिए — अभी एक क्लिक में 'अरे, कहाँ था वो?' शुरू कीजिए!
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